श्री कृष्ण जन्म से देहत्याग तक: सम्पूर्ण लीला गाथा
अधिकतर लोग सोचते हैं कि कृष्ण की कहानी माखन-चोरी से शुरू होती है। कुछ लोग कहते हैं कि जन्माष्टमी की रात से। लेकिन सच यह है कि कृष्ण की असली कहानी शुरू होती है वैकुण्ठ की उस गुप्त बैठक से, जहाँ धरती की पीड़ा सुनकर भगवान विष्णु ने अवतार लेने का संकल्प किया था। और यह कहानी समाप्त होती है प्रभास के उस पीपल वृक्ष के नीचे, जहाँ 125 वर्ष की आयु में उन्होंने यह नश्वर देह त्यागी।
इन दोनों क्षणों के बीच जो कुछ घटा, वह केवल एक जीवनी नहीं है। वह एक महाकाव्य है, एक दर्शन है, एक रहस्य है जो आज भी वृन्दावन की गलियों में, निधिवन की हवाओं में और राधाकुण्ड के जल में जीवित है।
RADHANAND की इस Series में हमने उस पूरे महाकाव्य को, वैकुण्ठ से प्रभास तक, 22 Series और 91 Articles में समेटा है। श्रीमद्भागवत, विष्णु पुराण, गर्ग संहिता, ब्रह्म वैवर्त पुराण और हरिवंश पुराण के प्रामाणिक स्रोतों के आधार पर।
यह Series बाकी सब से अलग क्यों है?: 5 बड़े कारण
1. स्थान-आधारित कथा: हर article में असली जगह हर घटना किस जगह घटी, वो सटीक स्थान हमने बताया है। निधिवन, ब्रह्माण्ड घाट, कालिया घाट, भंडीरवन, प्रभास तीर्थ; जब आप यात्रा पर जाएँ तो हर जगह जीवंत लगे।
2. प्रामाणिक ग्रंथों से सीधे: श्रीमद्भागवत, गर्ग संहिता, विष्णु पुराण इंटरनेट की आधी-अधूरी कहानियों से नहीं, बल्कि प्राचीन ग्रंथों के सटीक प्रसंगों से लिए गए हैं ये articles।
3. वो रहस्य जो कोई नहीं बताता: निधिवन, बाँसीवट, राधाकुण्ड निधिवन में रात को क्या होता है? बाँसीवट पर वैज्ञानिक क्यों जवाब नहीं दे सके? भंडीरवन में गुप्त विवाह का रहस्य क्या है? ये सब और बहुत कुछ।
4. जन्म से देहत्याग तक: बिना एक भी कड़ी छोड़े (अखण्ड यात्रा) वैकुण्ठ की बैठक से लेकर प्रभास में देहत्याग और कलियुग के पहले दिन तक, एक भी घटना नहीं छोड़ी।
5. भगवद्गीता और आज का जीवन: दर्शन को व्यावहारिक रूप देना गीता का ज्ञान, कृष्ण की नीति और उनके निर्णय; आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं जितने कुरुक्षेत्र में थे।
यह सीरीज उन सभी के लिए एक मार्गदर्शिका है जो श्री कृष्ण को केवल एक अवतार के रूप में ही नहीं, बल्कि एक नीति-कुशल मार्गदर्शक, प्रेमी और परम सत्य के रूप में समझना चाहते हैं।
कृष्ण की दिव्य यात्रा — एक नज़र में
| क्र. | स्थान | प्रमुख घटनाएँ |
| 1 | वैकुण्ठ / स्वर्गलोक | अवतार का संकल्प, देवताओं की प्रार्थना, धरती का भार |
| 2 | मथुरा कारागार | अष्टमी की रात — दिव्य जन्म, देवकी-वसुदेव का कष्ट |
| 3 | गोकुल / महावन | शिशु लीलाएँ, पूतना वध, विश्वरूप दर्शन, दामोदर |
| 4 | वृन्दावन | राक्षस वध, कालिया दमन, ब्रह्मा परीक्षा, महारास |
| 5 | नंदगाँव / बरसाना | राधा मिलन, लठमार होली, गोवर्धन लीला |
| 6 | मथुरा (कंस वध) | रंगशाला युद्ध, कंस वध, देवकी-वसुदेव से मिलन |
| 7 | उज्जैन | गुरु संदीपनि, 64 दिन में 64 कलाएँ, गुरु पुत्र वापसी |
| 8 | द्वारका | स्वर्ण नगरी, रुक्मिणी हरण, नरकासुर वध |
| 9 | कुरुक्षेत्र | भगवद्गीता, 18 दिन का महाभारत, विश्वरूप दर्शन |
| 10 | प्रभास तीर्थ | यदुवंश नाश, देहत्याग, वैकुण्ठ प्रस्थान |
सभी 91 Articles की सम्पूर्ण List: Series-वार
प्रत्येक article में उस स्थान की जानकारी, प्रामाणिक ग्रंथ का संदर्भ और रहस्यों का उद्घाटन है।
Series 1: पूर्व कथा – अवतार की भूमि (वैकुण्ठ से मथुरा) | 4 Articles
वह गुप्त बैठक जहाँ कृष्ण के अवतार का संकल्प हुआ, देवकी-वसुदेव विवाह की अकाशवाणी, कारागार में माँ का दर्द और बलराम जन्म का चमत्कार।
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वैकुण्ठ में वो गुप्त बैठक जिसमें तय हुआ कृष्ण का जन्म: धरती ने क्यों माँगी विष्णु जी से मदद?
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मथुरा के उस विवाह में गूँजी अकाशवाणी जिसने बदल दी इतिहास की दिशा: कंस ने क्यों खींची तलवार अपनी बहन पर?
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मथुरा कारागार में एक माँ का वो दर्द जो पत्थर भी पिघला दे: देवकी के 6 पुत्रों का वध और वसुदेव की विवशता
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शेषनाग का 7वाँ अवतार: गर्भ में हुआ चमत्कार और रोहिणी की कोख में पला भगवान का भाई
Series 2: दिव्य जन्म – मथुरा से गोकुल तक (मथुरा → यमुना → गोकुल) | 3 Articles
अष्टमी की रात: टूटती ज़ंजीरें, खुलते दरवाज़े, उफनती यमुना, शेषनाग की छाया और गोकुल में योगमाया का चमत्कार।
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मथुरा कारागार की उस काली रात जब ज़ंजीरें टूट गईं, दरवाज़े खुल गए: कृष्ण का जन्म और वो अलौकिक क्षण
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यमुना के बीच तूफ़ान में वसुदेव ने सिर पर उठाया नन्हे कृष्ण को: यमुना ने खुद झुककर दिया रास्ता
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गोकुल में उसी रात यशोदा के घर जन्मी दिव्य शक्ति और कंस ने जब उठाया शिशु तो आकाश में हुई अद्भुत घटना
Series 3: गोकुल लीला – शिशु कृष्ण (गोकुल / महावन) | 6 Articles
पूतना वध, शकटासुर, तृणावर्त, विश्वरूप दर्शन, दामोदर लीला और चौरासी खम्बा का रहस्य: नन्हे कृष्ण की अविश्वसनीय लीलाएँ।
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गोकुल में आई सुंदर स्त्री के रूप में पूतना राक्षसी: नन्हे कृष्ण ने जो किया वो देखकर नंद बाबा काँप उठे
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गोकुल में जन्मोत्सव पर पलटी बैलगाड़ी और उसमें से निकला राक्षस: शकटासुर को कैसे मारा नन्हे कृष्ण ने?
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गोकुल में आई काली आँधी और उड़ा ले गया तृणावर्त: आसमान में नन्हे कृष्ण के साथ क्या हुआ?
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गोकुल के ब्रह्माण्ड घाट पर यशोदा माँ ने देखा कृष्ण के मुँह में पूरा ब्रह्माण्ड: उस दिन धरती थम गई थी
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गोकुल के उखल बंधन आश्रम में माँ यशोदा ने बाँधा भगवान को रस्सी से: दामोदर लीला की सच्ची जगह का रहस्य
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महावन के चौरासी खम्बा में आज भी महसूस होती है कृष्ण की उपस्थिति: नंद भवन का वो रहस्य जो कम लोग जानते हैं
Series 4: गोकुल से वृन्दावन (गोकुल → वृन्दावन) | 2 Articles
नंद बाबा ने गोकुल क्यों छोड़ा? और नंदोत्सव का वो भव्य उत्सव जिसमें पूरा ब्रज झूम उठा था।
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गोकुल छोड़कर यमुना पार वृन्दावन क्यों गए नंद बाबा? वो सच्ची वजह जो बहुत कम लोग जानते हैं
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गोकुल में मना था वो नंदोत्सव जब नंद बाबा ने लुटाया इतना दान कि पूरा ब्रज झूम उठा
Series 5: वृन्दावन बाल लीला (वृन्दावन) | 6 Articles
वृन्दावन में छुपे राक्षस, दावानल पान की अद्भुत लीला, माखन चोरी के किस्से और केशी राक्षस वध: रोमांच और भक्ति का संगम।
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वृन्दावन में बछड़े के रूप में छुपा था राक्षस: कृष्ण ने पहचाना और किया वत्सासुर का अंत
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वृन्दावन में बगुले के रूप में आया बकासुर: कृष्ण ने उसकी चोंच को कैसे फाड़ दिया?
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वृन्दावन के जंगलों में सारे ग्वाले घुस गए उस विशालकाय अजगर अघासुर के मुँह में: फिर क्या हुआ?
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वृन्दावन के जंगल में लगी भयंकर आग और कृष्ण ने आँखें मूँदने को कहा: अगले पल ग्वाले हैरान रह गए
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वृन्दावन की गलियों में माखन चोर कृष्ण की टोली: माँ यशोदा की शिकायत और वो मस्त बचपन
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वृन्दावन के केशी घाट पर आया विकराल घोड़े का राक्षस: कृष्ण ने उसके जबड़े में डाली अपनी मुठी
Series 6: ब्रह्मा जी की परीक्षा (वृन्दावन) | 2 Articles
जब सृष्टिकर्ता ब्रह्मा जी ने खुद कृष्ण की परीक्षा लेने की कोशिश की और उन्हें माफ़ी माँगनी पड़ी।
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वृन्दावन में ब्रह्मा जी ने चुरा लिए कृष्ण के सारे साथी और बछड़े: फिर कृष्ण ने जो किया उससे ब्रह्मा दंग रह गए
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वृन्दावन में ब्रह्मा जी को आना पड़ा माफ़ी माँगने: जब सृष्टिकर्ता को हुआ अपनी भूल का एहसास
Series 7: कालिया नाग दमन (वृन्दावन: कालिया घाट / यमुना) | 2 Articles
यमुना को विषमुक्त करने की अद्भुत लीला: कालिया कुण्ड में छलाँग, सौ फनों पर नृत्य और नाग का पलायन।
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वृन्दावन के कालिया घाट पर यमुना में था इतना ज़हर कि पक्षी मर जाते थे: कृष्ण ने उस कुण्ड में छलाँग क्यों लगाई?
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वृन्दावन के कालिया कुण्ड में सौ फनों वाले नाग के फनों पर नाचते कृष्ण: यमुना कैसे हुई ज़हर मुक्त?
Series 8: नंदगाँव की लीलाएँ (नंदगाँव ↔ बरसाना) | 2 Articles
नंदगाँव का परिचय और वो लठमार होली जो खुद भगवान कृष्ण ने शुरू की थी: एक अनोखी दिव्य परम्परा।
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वृन्दावन से नंदगाँव: जब कृष्ण पहुँचे नंद बाबा की नई नगरी और शुरू हुआ लीलाओं का नया अध्याय
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नंदगाँव और बरसाना की वो लठमार होली जो खुद कृष्ण ने शुरू की थी: इसके पीछे का असली किस्सा
Series 9: राधा रानी – बरसाना की महारानी (बरसाना) | 2 Articles
राधा रानी के बिना कृष्ण की लीला अधूरी है। उनका जन्म, दिव्य परिचय और श्रीजी मंदिर का रहस्य।
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बरसाना के रावल में जन्मी वो दिव्य शक्ति जिसने खुद भगवान को अपना दीवाना बना लिया: राधा रानी की जन्म कथा
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बरसाना की उस पहाड़ी पर राधा रानी का वो दिव्य मंदिर जहाँ आज भी होता है कुछ अजीब: श्रीजी मंदिर का रहस्य
Series 10: राधा-कृष्ण प्रेम लीला (स्थान-दर-स्थान) | 18 Articles
यह Series का हृदय है। निधिवन का तिलिस्म, बाँसीवट का रहस्य, भंडीरवन का गुप्त विवाह, महारास और उद्धव का भ्रमर गीत।
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वृन्दावन में राधा-कृष्ण की वो पहली मुलाक़ात जिसके बारे में गर्ग संहिता में लिखा है: उस पल ने दोनों को बदल दिया
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वृन्दावन की 12 कुञ्जों में राधा-कृष्ण की वो दिव्य लीलाएँ जो आज भी हवाओं में गूँजती हैं
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वृन्दावन के निधिवन का वो रहस्य जो आज तक नहीं सुलझा: रात को यहाँ रुकने वाला सुबह नहीं उठता
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वृन्दावन के सेवाकुञ्ज में आज भी सुबह मिलते हैं इस बात के सुराग: क्या सच में रात को आते हैं राधा-कृष्ण?
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वृन्दावन के बाँसीवट पर आज भी सुनाई देती है बाँसुरी की आवाज़: वैज्ञानिक भी नहीं दे सके जवाब
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गोकुल की रमण रेती: जिस पवित्र रेत में खेले थे कृष्ण-बलराम, उसे माथे से लगाते हैं करोड़ों भक्त
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वृन्दावन के इमली तला का वो पेड़ जिसकी छाँव में राधा की राह देखते थे कृष्ण: आज भी जीवित है वो पेड़
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भंडीरवन में ब्रह्मा जी ने करवाया था राधा-कृष्ण का गुप्त विवाह: गर्ग संहिता और ब्रह्म वैवर्त पुराण का वो अद्भुत प्रसंग
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गोवर्धन के पास राधाकुण्ड और श्यामकुण्ड: जिसे खुद कृष्ण ने बनाया था एक रात में, जानिए कैसे
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गोवर्धन के कुसुम सरोवर में राधा जी फूल चुनती थीं और पेड़ के पीछे छुपे देखते थे कृष्ण
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वृन्दावन के श्रृंगार वट पर कृष्ण ने खुद किया था राधा जी का श्रृंगार: प्रेम की वो अनुपम झाँकी
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वृन्दावन के तेर कदम्ब से कृष्ण ने बजाई थी वो बाँसुरी जिसे सुनकर यमुना की धारा थम गई थी
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बरसाना के मान मंदिर में राधा जी ने किया था कृष्ण से मान: वो प्रेम की नोकझोंक जो आज भी जीवित है
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वृन्दावन के चीर घाट पर हुई चीर हरण लीला का वो गहरा आध्यात्मिक अर्थ जो शायद आप नहीं जानते
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बरसाना के दान गढ़ी पर कृष्ण ने लगाया था दूध-दही का कर: राधा जी ने जो जवाब दिया वो सुनकर मुस्कुराएँगे
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बरसाना की राधा सरोवर और गोवर्धन की राधाकुण्ड: जिनकी महिमा स्वयं कृष्ण ने गाई भागवत में
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वृन्दावन की शरद पूर्णिमा की रात: वंशीवट पर जब शुरू हुई महारास लीला और रुक गया पूरा ब्रह्माण्ड
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वृन्दावन में उद्धव आए ज्ञान का संदेश लेकर और गोपियों ने सुना दिया ऐसा जवाब कि उद्धव का दर्प टूट गया
Series 11: गोवर्धन लीला (गोवर्धन पर्वत) | 4 Articles
इन्द्र की पूजा रोकना, सात दिन का तूफान, एक उँगली से पहाड़ उठाना और गोवर्धन परिक्रमा के दिव्य रहस्य।
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नंदगाँव में कृष्ण ने क्यों रुकवाई इन्द्र की पूजा? गोवर्धन की वो क्रांति जिसने पूरे ब्रज को हिला दिया
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गोवर्धन पर इन्द्र का प्रलयंकारी तूफान: 7 दिन लगातार बारिश और नंदगाँव के लोगों का क्या हुआ?
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गोवर्धन पर्वत पर कृष्ण ने एक नन्ही उँगली से उठाया पूरा पहाड़: इन्द्र का अहंकार धराशायी हुआ
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गोवर्धन परिक्रमा में छुपे हैं जातिपुरा, मुखारविंद, राधाकुण्ड जैसे दिव्य रहस्य: पूरी सच्चाई जानिए
Series 12: मथुरा पलायन – वृन्दावन की विदाई (वृन्दगीवन से मथुरा) | 3 Articles
इतिहास की सबसे दर्दनाक विदाई। राधा का दर्द, यशोदा के आँसू, कृष्ण का वादा और अक्रूर जी को यमुना में मिला विष्णु दर्शन।
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वृन्दावन में अक्रूर जी आए और दे गए वो खबर जिसे सुनकर पूरा नंदगाँव एक रात में रो पड़ा
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वृन्दावन की वो विदाई जो इतिहास की सबसे दर्दनाक विदाई है: राधा, यशोदा और कृष्ण का अंतिम मिलन
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यमुना के तट पर अक्रूर जी को मिला भगवान विष्णु का साक्षात दर्शन: मथुरा जाते हुए हुआ ये चमत्कार
Series 13: मथुरा विजय – कंस वध (मथुरा) | 4 Articles
मथुरा प्रवेश, रंगशाला में ऐतिहासिक युद्ध, कंस वध और 18 साल बाद देवकी माँ से मिलन।
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मथुरा में पहले ही दिन धोबी से झड़प, कुब्जा का उद्धार और शिव का धनुष तोड़ा: कृष्ण की मथुरा एंट्री
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मथुरा की रंगशाला में कंस का काला जाल: हाथी कुवलयापीड और पहलवानों को कैसे हराया कृष्ण ने?
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मथुरा की रंगशाला में वो ऐतिहासिक पल जब कृष्ण ने कंस का मुकुट पकड़कर पटका धरती पर
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मथुरा कारागार में 18 साल बाद माँ देवकी को गले लगाया कृष्ण ने: वो मुलाक़ात जिसे सुनकर आँखें भर आती हैं
Series 14: मथुरा राज और गुरु आश्रम (मथुरा → उज्जैन → यमलोक) | 3 Articles
राज मिला पर उग्रसेन को दे दिया, उज्जैन में 64 दिन में 64 कलाएँ सीखीं और यमराज से गुरु पुत्र वापस लाए।
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मथुरा का राजा बनने का मौका था पर कृष्ण ने दे दिया सिंहासन उग्रसेन को: इस फैसले का असली रहस्य
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उज्जैन के संदीपनि आश्रम में भगवान बने विद्यार्थी: 64 दिन में 64 कलाएँ सीखीं और रचा इतिहास
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उज्जैन से यमलोक तक: कृष्ण गए गुरु दक्षिणा माँगने यमराज से और ले आए गुरु का मृत पुत्र
Series 15: जरासन्ध संकट और द्वारका (मथुरा → द्वारका) | 3 Articles
17 आक्रमण, रणछोड़ नाम का रहस्य, कालयवन की कथा और समुद्र के बीच एक रात में बनी स्वर्ण नगरी द्वारका।
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मथुरा पर जरासन्ध ने किए 17 हमले: कृष्ण हर बार जीते फिर भी मथुरा छोड़ी, जानिए वो बड़ी वजह
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मथुरा से भागे कृष्ण? रणछोड़ कहलाए भगवान, लेकिन इस ‘पलायन’ के पीछे थी एक अद्भुत दिव्य योजना
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समुद्र के बीच एक रात में बनी स्वर्ण नगरी द्वारका: विश्वकर्मा ने कैसे बनाया वो अद्भुत शहर?
Series 16: रुक्मिणी हरण (विदर्भ → द्वारका) | 2 Articles
विदर्भ की राजकुमारी का गुप्त प्रेम पत्र और कृष्ण का वो साहसी हरण।
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विदर्भ की राजकुमारी ने भेजा कृष्ण को गुप्त प्रेम पत्र: रुक्मिणी ने जो लिखा वो पढ़कर भगवान भी चल पड़े
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द्वारका में विवाह मंडप से रुक्मिणी को उठा ले गए कृष्ण: शिशुपाल और रुक्मी देखते रह गए
Series 17: द्वारका लीला (द्वारका) | 3 Articles
अष्टभार्या का परिचय, 16100 स्त्रियों को नरकासुर से मुक्ति और स्यमन्तक मणि का वह रहस्य।
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द्वारका में कृष्ण की 8 पत्नियाँ: अष्टभार्या कौन थीं, किन परिस्थितियों में हुए ये विवाह और क्या है इनका अर्थ?
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प्राग्ज्योतिषपुर के नरकासुर ने कैद की थीं 16100 स्त्रियाँ: कृष्ण और सत्यभामा ने मिलकर कैसे दिलाई मुक्ति?
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द्वारका में स्यमन्तक मणि चोरी का इल्ज़ाम लगा कृष्ण पर: जाम्बवान से 28 दिन लड़े और जो हुआ वो हैरान करेगा
Series 18: पाण्डव और महाभारत की नींव | 4 Articles
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काम्पिल्य के स्वयंवर में कृष्ण और अर्जुन की पहली मुलाक़ात: वो दोस्ती जो आज भी दुनिया को प्रेरणा देती है
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हस्तिनापुर की सभा में द्रौपदी चीखती रही और कृष्ण ने दूर से किया वो चमत्कार जो आज भी रहस्य है
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इन्द्रप्रस्थ के राजसूय यज्ञ में शिशुपाल ने की 100 गालियाँ: 100वीं गाली पर कृष्ण ने उठाया सुदर्शन चक्र
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द्वारका में आए दुर्योधन और अर्जुन एक साथ: कृष्ण सो रहे थे, जो पहले बैठा उसने जीता युद्ध
Series 19: कुरुक्षेत्र – गीता और महाभारत | 6 Articles
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कुरुक्षेत्र के मैदान में अर्जुन का वो विषाद जो हर इंसान के जीवन में आता है: कृष्ण ने क्यों चुना सारथी का रोल?
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कुरुक्षेत्र में कही गई भगवद्गीता: ‘कर्म कर, फल की चिंता मत कर’, इस एक वाक्य ने दुनिया बदल दी
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कुरुक्षेत्र में अर्जुन ने देखा वो विश्वरूप जिसे देखकर काँपी थी सृष्टि: उस दर्शन का पूरा वर्णन
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कुरुक्षेत्र में कर्ण का वो रहस्य जो कृष्ण जानते थे पर नहीं बताया: कर्ण-कृष्ण संवाद की अनसुनी कहानी
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कुरुक्षेत्र के 18 दिन: भीष्म, द्रोण, कर्ण के वध से लेकर अंतिम दिन तक की पूरी गाथा
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कुरुक्षेत्र का अंतिम दिन: दुर्योधन और भीम का गदायुद्ध, और पाण्डवों की वो जीत जो मिली बड़ी कीमत पर
Series 20: युद्ध के बाद | 2 Articles
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कुरुक्षेत्र में गान्धारी ने दिया कृष्ण को शाप: 100 पुत्र खोई माँ की आँखों में था वो दर्द जो भगवान भी सह न सके
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कुरुक्षेत्र के बाद अश्वत्थामा ने चलाया ब्रह्मास्त्र उत्तरा के गर्भ पर: कृष्ण ने कैसे बचाया अजन्मे परीक्षित को?
Series 21: द्वारका का अंत – यदुवंश नाश | 3 Articles
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द्वारका में ऋषियों के शाप से निकले लोहे के मूसल: यदुवंश के नाश की वो भयानक भविष्यवाणी
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प्रभास तीर्थ में यदुवंश ने खुद किया अपना नाश: सरस्वती नदी के तट पर हुई वो त्रासदी
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द्वारका को समुद्र ने निगल लिया: कृष्ण ने खुद डुबाई अपनी सोने की नगरी, जानिए वो रहस्यमयी कारण
Series 22: कृष्ण का महाप्रस्थान (प्रभास → वैकुण्ठ) | 3 Articles
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प्रभास के उस जंगल में जरा नाम के शिकारी की वो गलती जो असल में थी कृष्ण की अपनी योजना
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प्रभास के पीपल वृक्ष के नीचे कृष्ण ने छोड़ा यह तन: भगवान के देहत्याग की वो दिव्य और रहस्यमयी घड़ी
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कृष्ण के जाने के बाद हस्तिनापुर में अर्जुन का वो दर्द और कलियुग का वो पहला दिन जो सबकुछ बदल गया
बोनस Series: विशेष दिव्य Episodes | 4 Articles
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द्वारका में कृष्ण मिले अपने बचपन के दोस्त सुदामा से: मुट्ठी भर चावल के बदले मिला वो जो माँगा भी न था
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वृन्दावन और द्वारका में मीराबाई ने पिया ज़हर का प्याला: कृष्ण भक्ति ने कैसे किया अमृत?
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पूर्ण अवतार कृष्ण की 16 कलाएँ: वो दिव्य शक्तियाँ जो और किसी अवतार में नहीं थीं
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भगवद्गीता के 18 अध्याय, 700 श्लोक और एक जीवन बदलने वाला संदेश: आज के जीवन में कैसे उतारें?
यह Series कैसे पढ़ें?: आपके लिए Personalized Guide
यह Series किसी उपन्यास की तरह Series 1 से Series 22 तक क्रमबद्ध रूप से पढ़ी जा सकती है। लेकिन अगर आप किसी विशेष विषय में रुचि रखते हैं:
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रहस्य और चमत्कार पसंद हैं? → Series 6, 7, 10 (निधिवन, बाँसीवट, भंडीरवन)
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गीता और दर्शन में रुचि है? → Series 19 और बोनस Article 91
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तीर्थयात्री हैं? → हर article के अंत में उस स्थान की जानकारी दी गई है
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राधा-कृष्ण प्रेम लीला? → Series 9, 10, 12 और बोनस 89 (मीरा)
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महाभारत और युद्ध नीति? → Series 18, 19, 20
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ऐतिहासिक स्थान और पुरातत्व? → Series 15, 21 (द्वारका का रहस्य)
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
Q1. श्री कृष्ण का जन्म कब और कहाँ हुआ था? श्री कृष्ण का जन्म द्वापर युग में भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की रात को मथुरा के कारागार में हुआ था। उनके पिता वसुदेव और माता देवकी थीं। Series 2 में इस रात का पूरा वर्णन है।
Q2. निधिवन में रात को क्या होता है, क्या यह सच है? निधिवन वृन्दावन का सबसे रहस्यमयी स्थान है। यहाँ रात के बाद किसी को रुकने की अनुमति नहीं है। सैकड़ों वर्षों से मान्यता है कि रात को राधा-कृष्ण यहाँ विराजते हैं। Series 10, Article 32 में पूरा रहस्य बताया गया है।
Q3. क्या राधा-कृष्ण का विवाह हुआ था? गर्ग संहिता और ब्रह्म वैवर्त पुराण में भंडीरवन में हुए गुप्त विवाह का वर्णन है, जो स्वयं ब्रह्मा जी ने संपन्न करवाया था। Series 10, Article 37 में यह पूरा प्रसंग विस्तार से है।
Q4. कृष्ण ने रणछोड़ नाम क्यों पाया? जरासन्ध के 17 आक्रमणों के बाद कालयवन के आक्रमण के समय कृष्ण ने मथुरा छोड़ी; लेकिन यह पलायन नहीं, एक दिव्य रणनीति थी। Series 15, Article 63 में पूरा रहस्य है।
Q5. श्री कृष्ण की मृत्यु कैसे हुई? प्रभास तीर्थ (आज का सोमनाथ, गुजरात) के जंगल में जरा नाम के व्याध के बाण से कृष्ण का देहत्याग हुआ; लेकिन यह उनकी योजना का हिस्सा था, दुर्घटना नहीं। Series 22, Article 85-86 में पूरी कथा है।
RADHANAND के बारे में
RADHANAND एक ऐसा platform है जो श्री कृष्ण की लीलाओं को प्रामाणिक पुराणों के आधार पर, असली स्थानों की जानकारी के साथ और आज के युग में प्रासंगिक भाषा में प्रस्तुत करता है। हमारा उद्देश्य है: हर भक्त तक कृष्ण की असली कथा पहुँचे, न कि केवल लोकप्रिय किंवदंतियाँ।
प्रामाणिक स्रोत जिनका हमने उपयोग किया है:
📜 श्रीमद्भागवत पुराण (दशम स्कन्ध विशेष)
📜 गर्ग संहिता
📜 विष्णु पुराण
📜 ब्रह्म वैवर्त पुराण
📜 हरिवंश पुराण

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